Friday, 15 November 2019

X Media Media : हाईकोर्ट के एक फैसले से बेघर हुए 20 परिवार




ऑनलाईन ब्यूरो अबोहर
अबोहर के फाजिल्का रोड स्थित बर्सों पूर्व बनी सरकारी स्पिनिंग मिल की जगह पर कुछ वर्ष पूर्व बनी पुडा काॅलोनी में रह रहे दर्जनों परिवारों को आज हाईकोर्ट के आदेशों पर हटवाते हुए उनके क्वार्टरों को खाली करवाकर पुलिस व प्रशासन की मौजूदगी में तोड़ा गया। इधर कोर्ट के आदेशों पर प्रशासन की इस कार्रवाई से दर्जनो परिवार बेघर हो गए। इस मौके पर भारी संख्या में पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।




जानकारी के अनुसार करीब 15 वर्ष पूर्व बंद हुई स्पिनिंग मिल की जगह को पुड्डा के अधिकारियों ने खरीदकर यहां पर पुड्डा कालोनी बनाने का काम शुरू किया। उस समय  से ही कालोनी में रहने वाली लेबर के करीब 20 परिवार यहां पर बने 32 क्वाटरों में रह रहे थे। जिन्हें पुड्डा की ओर से क्वार्टर खाली करने बारे में कई बार नोटिस भी निकाले गए और कुछ माह पूर्व हाईकोर्ट ने भी इन लोगों को क्लोनी की जगह में बने क्वार्टरों को खाली करने के आदेश जारी किए जिस पर यहां के लोगों ने भी कोर्ट का सहारा लिया लेकिन उन्हें हर बार निराशा का सामना करना पड़ा। जिस हाईकोर्ट ने इन्हें एक माह का समय दिया और आज उक्त समय पूरा होने पर प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस अधिकारी जेसीबी मशीनें लेकर यहां पहुंचें और उक्त क्वार्टरों को जेसीबी की मदद से तुडवाते हुए खाली करवाया।



कॉलोनी निवासी गोपाल व विजय कुमार, उमाकांत ने बताया कि उन्होंनें यहां पर बनी स्पिनिंग मिल में करीब 35 वर्षों तक काम किया था और उनके परिवारों के आधार कार्ड, राशन कार्ड व अन्य दस्तावेज यहीं के नाम पर बने हुए हैं। उन्होंनें बताया कि उन्होंंने  इस संबंध में स्थानीय अदालत, जिला अदालत व हाईकोर्ट का भी सहारा लिया था लेकिन  उन्हें निराशा ही मिली अब उन्होंंने सुप्रीम कोर्ट में केस लगा रखा है जिस पर कोर्ट ने उन्हें 18 नवंबर का सुनवाई का समय दिया है। आज जब पुडा अधिकारी प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों सहित मौके पर क्वार्टर तुडवाने पहुचें तो उन्होंनें उन्हें यह कोर्ट की काप दिखाते हुए 18 नवंबर तक का समय दिए जाने की मांग की लेकिन अधिकारियों ने उनकी एक न सुनी और जबरन उन्हें बारह निकालकर उनके क्वार्टरों को तहस नहस कर दिया। उन्होंनें बताया कि जब यहां स्पिनिंग मिल चलती थी तो करीब 1400 कर्मचारी काम करते थे लेकिन मिल बंद होने के बाद से यहां करीब 32 परिवारों के 150 लोग रह रहे थे जो आज बेघर हो गए हैं। उन्होंनें आरोप लगाया कि पुड्डा अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया था कि पुड्डा की ओर से उन्हें सहायता प्रदान की जाएगी लेकिन आज उनकी सुनवाई तक भी नहीं हो रही।    
   


मायूस आंखों से अपने घरों को टूटते देख पारिवारिक सदस्यों ने आरोप लगाते हुए कहा कि एक ओर तो मोदी सरकार गरीब व जरूरतमंदों को मकान बनाकर दे रही है वहीं सरकारी संस्था पुड्डा उन्हें बेघर कर रही है और इसके बदले मे उन्हें कुछ सहायता भी नहीं दी जा रही। इस मौके पर एसडीएम पूनम सिंह, तहसीलदार जसपाल बराड व अन्य पुलिस व पुड्डा के अधिकारी मौजूद थे।

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