Wednesday, 5 June 2019

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय हरिकथा का सफलतापूर्वक संपन्न

दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय हरिकथा का सफलतापूर्वक संपन्न




अबोहर। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा पटेल पार्क के नजदीक एचआर विज हाल में तीन दिवसीय हरिकथा के अंतिम दिवस पर शिष्या साध्वी दिवेशा भारती ने केवट भक्त जी की जीवन गाथा को प्रस्तुत करते हुए बताया कि केवट ने जब प्रभु श्री राम को गंगा नदी से पार करवाया, तब वह केवट को कहते हैं, केवट आज तुम जो भी मांगोंगे अवश्य दूंगा, केवट जी ने प्रभु श्री राम जी से उनकी भक्ति मांगी। यदि देखा जाए प्रत्येक इंसान के जीवन का मनोरथ उस ईश्वर की भक्ति को पाना है, लेकिन विडंबना यह है कि प्रत्येक इंसान ईश्वर की भक्ति को पाना तो चाहता है परंतु हमारे धार्मिक ग्रंथों में महापुरुषों ने कौन सी युक्ति बताई है, इस बात से परिचित होना पड़ेगा।

ग्रंथों में बताया है कि प्रभु हमारे हृदय में समाया है और यदि उसे प्राप्त करना है तो गुरू की शरण को धारण करने की आवश्यकता है। एक पूर्ण गुरु जो सबसे पहले प्रभु की महिमा उनका सत्संग सुनाएंगे और इसके पश्चात हमारे मस्तिष्क पर हाथ रख कर दोनों भृकुटियों में स्थित तीसरी आंख (शिव नेत्र) को खोलेंगे फिर एक जिज्ञासु अपने अंतर ह्रदय में प्रभु का दर्शन करेगा अर्थात एक पूर्ण गुरु सूक्ष्म रूप में तीसरी आंख को खोल कर एक जिज्ञासु को उसके घट में भगवान का प्रकाश रूप में दर्शन करवाएंगे। उसको भीतर से संगीत सुनाएंगे, उसकी सांसों में भगवान के नाम को प्रकट करेंगे और अमृत का भीतर से पान करवाएंगे।


चार फलों का ज्ञान एक पूर्ण गुरू हमारे घट में प्रकट करेंगे। इसके पश्चात शाश्वत भक्ति प्रारंभ होती है, यहीं वेदों का सार है। इस कार्यक्रम में सभी प्रभु भक्तों, मुख्य अतिथियों, समाजसेवी संस्थाओं का संस्थान द्वारा हार्दिक आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर साध्वी रजनी भारती, नेहा भारती, तेजस्विनी भारती, प्रियंका भारती, हरप्रीत भारती ने सुमधुर भजनों का गायन किया।

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