Monday, 1 April 2019

Abohar :- पंजाब के किसानों ने अब शुरू कर पोस्त की खेती, फाजिल्का जिले में एक महीने में 3 मामले आए सामने

पंजाब में होने लगी पोस्त की खेती, एक महीने में फाजिल्का जिले में तीसरा मामला आया सामने, 10 किलो 500 ग्राम हरे पोस्त के पौधों सहित एक व्यक्ति गिरफ्तार

 


अबोहर। पंजाब सरकार द्वारा नशा मुक्त पंजाब करने के लिए बहुत सारे पोजैक्ट और स्कीमें चलाई जा रही है, जिससे पंजाब के बहुत सारे युवा नशा छोड रहे है, लेकिन वहीं कुछ ऐसे लोग है, जो पंजाब सरकार की पूरी मेहनत पर पानी फेरने का काम कर रहे है। फाजिल्का जिले में बल्लुआना हल्के के अंतर्गत आते गांव ढाबा कोकरिया में दो भाईयों द्वारा अपने खेत में पोस्त की खेती करने का मामला सामने आया है, हांलांकि पुलिस ने अपने खास मुखबिरों की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पोस्त के हरे पौधों को उखाड़ दिया है, लेकिन पंजाब में पोस्त की खेती करने का ये बहुत बड़ा संवेदनशील मामला है। जानकारी के अनुसार सदर पुलिस को खास मुखबिर ने सूचना दी कि गांव ढाबा कोकिरिया की एक ढाणी में बलवीर सिंह व सुखविंदर सिंह पुत्र पाला सिंह ने अपनी ढाणी के पीछे सरसों के खेत में पोस्त की खेती कर रखी है। अगर मौके पर खेत की तालाशी ली जाए तो बड़ी मात्रा में पोस्त के पौधे बरामद किए जा सकते है। जिसपर एएसआई जसविंदर सिंह ने मौके पर पुलिस पार्टी सहित छापेमारी करते हुए बलवीर सिंह के खेत से 10 किलो 500 ग्राम पोस्त के हरे पौधो सहित बलवीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसका भाई सुखविंदर सिंह फरार है। पुलिस ने दोनों भाईयों के खिलाफ एनडीपीसी एक्ट के तहत धारा 15, 61, 85 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जब इस मामले में सरेआम पोस्त की खेती करने वाले आरोपियों पर की जाने वाली कार्रवाई के बारे में अबोहर के डीएसपी कुलदीप सिंह भुल्लर और फाजिल्का के एसएसपी दीपक हिलोरी के बात करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। 


एक महीने में ये फाजिल्का जिले का तीसरा मामला

किसानाें द्वारा अपने खेतों में पोस्त की खेती करने के मामले दिन-ब-दिन बढ़ रहे है। बीते एक महीने में फाजिल्का जिले में पोस्त की खेती करने का ये तीसरा मामला है। इससे पहले अरनीवाला पुलिस ने 18 मार्च को गांव मुराद वाला दल सिंह वाला निवासी सुखपाल सिंह पुत्र अवतार सिंह को भी खेत में पोस्त की खेती करने के आरोप में मामला दर्ज किया था। पुलिस के अनुसार एएसआई इकबाल सिंह ने मुखबिर की सूचना पर सुखपाल सिंह के खेत में छापेमारी करते हुए 4 किलो पोस्त के हरे पौधे बरामद किए। इसी प्रकार दूसरे मामले में भी अरनीवाला पुलिस ने छोटी झुगियां गांव ढिप्पांवाली निवासी हरिंद्र सिंह उर्फ पप्पू पुत्र करतार सिंह पर पोस्त की खेती करने का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार एसआई बलवंत सिंह ने मुखबिर की सूचना पर उक्त आरोपी के घर छापेमारी करते हुए उसके घर से 5 किलो 600 ग्राम हरे पोस्त के पौधे व 9 लीटर अवैध शराब बरामद की। पुलिस द्वारा मुखबिरों की सूचना पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तो की जा रही  है, लेकिन इस तरह के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।


किसानों द्वारा पोस्त की खेती करने के क्या है कारण

- पंजाब सरकार द्वारा नशें की रोकथाम करने के लिए सख्ती बरती जा रही है। जगह-जगह नाकेबंदी कर तस्करों पर कार्रवाई की जा रही है।

- राजस्थान द्वारा पोस्त, अफीम, डोडो की सरेआम बिक्री बंद करने से लोगों को नशा मिलने में दिक्कत आ रही है।

- पोस्त और अफीम महंगे मुल्य में मिलने से लोगों द्वारा घर में ही इसकी खेती शुरू कर दी गई है।

- एक ही पौधे से कई नशें मिलते है

- बाजार में बिक रहे पोस्त अफीम में मिलावट के कारण भी लोग खुद ही इसकी खेती कर रहे है

क्या और कैसे होती है पोस्त की खेती

पोस्त एक फूल वाला पौधा होता है, इसके फूल बहुत ही ज्यादा सुगंघित होते है। पोस्त का पौधा लगभग 60 सेंटीमीटर ऊंचा होता है। पंजाब में इसे खसखस के नाम से जाना जाता है, खसखस के बीज से ही इसकी खेती होती है। भारत में पोस्त की खेती उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में की जाती है। हांलांकि पंजाब में पोस्त की खेती करने पर पाबंदी लगी हुई है। पोस्त की खेती एवं व्यापार करने के लिए सरकार के आबकारी विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है। पोस्त के पौधे से अफीम, डोडे और चूरा पोस्त निकलती है। 

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