Tuesday, 2 April 2019

Abohar :- दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा योग शिविर आयोजित

 आरोग्य और स्वास्थ्य जीवन के लिए योग अति आवश्यक : स्वामी विज्ञानानंद

 

* दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा मुख्य गौशाला में तीन दिवसीय विलक्षण योग शिविर आयोजित

 divya jyoti jagrati sansthan, Yoga

अबोहर। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस और भारतीय नव संवत्सर 2076 के उपलक्ष्य में स्थानीय मुख्य गौशाला में अपने स्वास्थ्य जाग्रति कार्यक्रम आरोग्य के अंतर्गत तीन दिवसीय विलक्षण योग शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें संस्थान की ओर से स्वामी विज्ञानानंद ने भारतीय संस्कृति की अमूल्य निधि योग की महानता से परिचित कराते हुए योग साधकों को बताया कि प्रत्येक राष्ट्र अपनी किसी ना किसी अमूल्य व उत्कृष्ट धरोहर से विश्व के मानस पटल पर अपनी विशेष पहचान बनाता है। परंतु यदि विश्व विरासत की बात की जाए तो गर्वोक्त भाव से यह कहा जा सकता है कि संपूर्ण विश्व में आर्यावर्त भारतीय योग मनीषियों द्वारा प्रदत्त योग पद्धति को उत्कृष्ट विरासत के रूप में सर्वसम्मति से समग्र राष्ट्रों द्वारा अग्रगण्य स्वीकार किया गया है। वस्तुतः संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा ने दिसम्बर 2014 में प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाने का संकल्प पारित किया। 

 
divya jyoti jagrati sansthan, yoga

योग की रहस्यात्मक विवेचना पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि आज मूलतः कुछ योगासनों और प्राणायामों को ही संपूर्ण योग पद्धति स्वीकार कर लिया जाता है। जब कि ऐसा नहीं है। योग शब्द संस्कृत की युज धातु से बना है। जिसका अर्थ होता है जुड़ना। अर्थात् हमारे तन, मन और आत्मा की एकात्म अवस्था ही योग है। महर्षि पतंजलि ने योग की परिभाषा देते हुए कहा है कि योगः चित्त वृत्ति निरोधः अर्थात् चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है। फिर ही योगः कर्मसु कौशलम् की अवधारणा सिद्ध होती है। 

 
divya jyoti jagrati sansthan, yoga

स्वामी जी ने पतंजलि "योग सूत्र" के अनुसार साधकों को ताड़ासन, दंडासन, कटिचक्रासन, अर्द्ध चंद्रासन, द्विचक्रिकासन, भुजंगासन, नाड़ीशोधन, अनुलोम विलोम प्राणायाम इत्यादि का विधिवत् अभ्यास करवाते हुए इनके वैज्ञानिक पक्ष द्वारा दैहिक लाभों से परिचित भी करवाया। ध्यान देने योग्य है कि संस्थान की ओर से अपने "आरोग्य" प्रकल्प के अंतर्गत सम्पूर्ण विश्व में निःशुल्क विलक्षण स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर सर्वे संतु निरामयाः की उक्ति को सिद्ध किया जा रहा है। भारतीय संस्कृति की मर्यादा बनाये रखते हुए कार्यक्रम का आरम्भ विधिवत् मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। कार्यक्रम में गौशाला कमेटी के प्रधान फकीर चंद गोयल, प्रचार सचिव पुरुषोत्तम मित्तल, कमल मित्तल, रवि सेठी, धर्मपाल सेठी, पवन भूकरका, साध्वी बागीशा भारती, तेजस्विनी भारती, साध्वी हरप्रीत भारती एवम अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

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